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अलविदा - Good Bye To All

अलविदा - एक दुखी करने वाली पर सच्ची कहानी है।
आप सब लोगों से निवेदन है कि यदि कोई भी व्यक्ति छोटे दिल वाला है या ज्यादा भावुक है, कृप्या इस कहानी को ना पढ़े। 

क्या आप ने बाग़बान फ़िल्म देखी है?
बस यह कहानी उससे 10 कदम और आगे है और ज्यादा दुखी करने वाली है। क्योंकि उसमें तो सिर्फ चारों बेटे और बहुएं ही नालायक निकलते हैं, पर इस कहानी में पूरा का पूरा परिवार और आस पास के लोग भी सेल्फिश हैं। 

साड़ी कहानी सिर्फ पैसे के इर्द -गिर्द ही घूमती रहती है और इस सब में बेचारा एक व्यक्ति पिस्ता रहता है। कोई उसके बारे में नहीं सोचता बल्कि उसके किये अच्छे काम भी उनको नहीं दिखते। 

मैं आप से कुछ प्रश्न करना  चाहता हूँ और अगर आप लोग इनका जवाब दे सकते है तो आपकी बड़ी कृपा होगी और मेरा कुछ दर्द भी कम हो जायेगा। 


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रौशनी - The Light

दोस्तो, आज मैं आपको एक अपनी लिखी हुई कविता से रूबरू करवाता हूँ। यह कविता मेने साल नवम्बर 14, 2000 में लिखी थी। 
उस दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म दिन था और संयोगवश दिपावली भी उस दिन थी। और उस रात मैं अपने घर की छत पर बैठ कर जगमगाती रौशनी का लुत्फ़ उठा रहा था कि 
मेरा मन कुछ उदास था उसदिन। अचानक मुझे यह कविता सूझी।

मेरी कविता का शीर्षक है "रौशनी"जग मग - जग मग जुगनू  जैसी।  चाँद की हो रौशनी।।
रंग - बिरंगे फूलोँ जैसी। तारों की हो रौशनी।।
मन को भाए - सब  को भाए।  किन दीपों की हो रौशनी।।
कभी तो हसाए - कभी तो रुलाए।  जाने कैसी हो तुम रौशनी।।
अगर आप को यह कविता अच्छी लगी तो कृपया अपने विचार लिखें। 

पती - पत्नी में फर्क - The Difference between Husband and Wife

पती - पत्नी में फर्क - इस वाक्य के कई मायने बनते हैं। असल में यहां पर मैं सिर्फ दो के बारे में ही बात कर रहा हूँ। 
पती  - पत्नी की कुशलता में फर्क पती  - पत्नी के स्वभाव में फर्क 
कारण चाहे जो भी हो, अगर दोनों में एक ज्यादा और एक कम है तो दोनों की लाइफ अधूरी है।  फिर चाहे वो दोनों एक दूसरे को कितना ही पसंद करते हों। 
असल लाइफ में दोनों समान नहीं होते पर अगर दोनों की आपसी समझ या सोच मिलती है तो एक की कुशलता दूसरे की अकुशलता को कवर  लेती है। 
इसी तरहं से अगर पती - पत्नी में एक दूसरे के लिए करुणा भाव है तो एक के गर्म स्वभाव को दूसरे का ठंडा स्वभाव बर्दाश्त कर लेता है और गर्म स्वभाव वाले को भी अपने जैसा करने की कोशिश करता है। 

बदलते रिश्ते - The Changing Relations

बदलते रिश्ते - एक कड़वा सच जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।जी हाँ, यह  सिर्फ मेरी नहीं बल्कि हम सब की है।  और जहाँ तक मेरा ख्याल है, ऐसा सिर्फ भारत में ही होता है। 
क्या कभी आपने सोचा है कि आपके परिवार वाले भी आपके खिलाफ साज़िश कर सकते है।  मैं दावे के साथ कह सकता हूँ के नहीं। 
पर यह सब सच है - एक कड़वा सच जो आपकी ज़िन्दगी बदल देगा और सोचने पर मज़बूर कर देगा कि क्या यही ज़िन्दगी है। 
मैं हर वख्त दूसरों के बारे में ही सोचता रहा और अपनी ज़िन्दगी बर्बाद कर ली। पर सब यही कहते हैं की तूने किया है।  लोग दूसरों का दिमाग तो पढ़ लेते हैं पर मेरा दिल कोई नहीं पढ़ पाया। 


अब तो मेरा दिल बस यही कहता है कि :- पंछिओं को आसमान से गिरते देखा है, अपनों के हाथों से अपनों को गिराते देखा है।  *-*-* लोग बेदर्द है जो अपने दिमाग से सोचते हैं, उम्र गुज़ार दी दिल से सोचते - सोचते, पर अफ़सोस,  मेने अपने रिश्तों को फिर भी बदलते देखा है। *-*-* क्या ये ही ज़िन्दगी है,  कि लोग एक पल में साथ छोड़ देते हैं, बीच सफर में अपने हाथ छोड़ देते हैं, ज़िंदगी का तो पता नहीं,  मेने मौत को साथ निभाते देखा है।  *-*-* उम्मीदों को पलते देखा है,  और सपनो को करवटें बद…