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रौशनी - The Light

दोस्तो, आज मैं आपको एक अपनी लिखी हुई कविता से रूबरू करवाता हूँ।  यह कविता मेने साल नवम्बर 14, 2000 में लिखी थी।  उस दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म दिन था और संयोगवश दिपावली भी उस दिन थी। और उस रात मैं अपने घर की छत पर बैठ कर जगमगाती रौशनी का लुत्फ़ उठा रहा था कि  मेरा मन कुछ उदास था उसदिन। अचानक मुझे यह कविता सूझी।   मेरी कविता का शीर्षक है " रौशनी " जग मग - जग मग जुगनू  जैसी।  चाँद की हो रौशनी।। रंग - बिरंगे फूलोँ जैसी। तारों की हो रौशनी।। मन को भाए - सब  को भाए।  किन दीपों की हो रौशनी।। कभी तो हसाए - कभी तो रुलाए।  जाने कैसी हो तुम रौशनी ।। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी तो कृपया अपने विचार लिखें। 

नन्ही परी - Little Fairy

दोस्तो, क्या आपने किसी परी से मुलाकात की है ?  अगर आपका जवाब ना है तो कोई बात नहीं, मैं आपको एक नन्ही पारी के बारे में बताता हूँ।  घबराइये नहीं, ये एक छोटी सी पर मीठी सी याद है जो मैं आपके साथ शेयर कर रहा हूँ। जब से ये नन्ही परी मेरी जिन्दगी में आई है, तब से में अपने आप को परमात्मा का प्रशाद समझने लगा हूँ।  जबकि पहले मैं कभी इतना खुशकिस्मत नहीं था। मैंने उसके लिए कुछ पंक्तियाँ लिखी हैं, ज़रा ग़ोर फरमाये। एक कली सी कोमल लड़की, काँटों और फूलों से डरती। *** बोलने से वो कभी ना डरती, छुप - छुप कर आहें थी भरती। *** नाम था उसका सीधा - साधा, सूरत में थी बिलकुल राधा। *** जब से मेने उसे पाया है, मैं इस संसार का सबसे खुशनसीब व्यक्ति बन गया हूँ।  दिन भर बस यही  सोचता और कहता हूँ :- मेरा दिन - मेरी रात भी नन्ही परी।  मेरा दिल - मेरी जान भी नन्ही पारी। मेरी गरिमा है मेरा गरूर।  मेरा अरमान भी है नन्ही परी। मेरी दुनिआ - मेरा जहां भी नन्ही परी। म...

मुझे मेरी पत्नी ने मार डाला - My wife killed me

मुझे मेरी पत्नी ने मार डाला , एक  बहुत ही दुखी करने वाली सत्य घटना है। शायद आप ने भी कभी देखा या सुना होगा।   क्या मैं ठीक कह रहा हूँ ? मेरा एक दोस्त अपनी पत्नी के साथ रहता था पर दोनों में छोटी मोटी नोंक झोंक होती रहती थी, पर उन्होंने कभी भी एक दूसरे से ज्यादा देर तक दूर नहीं रहते थे।  कुछ समय बाद मेरे दोस्त की पत्नी की नौकरी लग गयी। और मेरे दोस्त ने बहुत ख़ुशी मनाई। पर उसको क्या पता था कि अब उसकी पत्नी उससे ज्यादा पैसों से प्यार करने लगी है।  बस अब तो रोज़ ही घर में लड़ाई - झगड़ा होने लगा।  उसका एक कारण यह भी था कि मेरे दोस्त की नौकरी चली गयी पर फिर भी उसने हिम्मत नहीं हरी और अपना काम शुरू कर लिया।  पर किस्मत को जैसे यह भी मंज़ूर नहीं था और उसका काम बिलकुल ही बंद हो गया।  अब तो बस उन दोनों में जैसे दराड़ सी पड़  गई हो।  बात बात पर मेरे दोस्त की पत्नी उसे कोसती रहती थी और मेरा दोस्त बस अपने आप में ही रहने लग गया था।  उसकी पत्नी कहती कि तुमने इतने सालों में किया ही क्या है उसके लिए, इतने सालों...

साया - The Shadow

कभी किसी ने अपने साये से बात की है ? मैं अक्सर करता हूँ।  क्योंकि मेरा साया ही मेरी पहचान है।  मेरा साया ही मेरा दोस्त, रिश्तेदार है।  आज मैं सचमे अकेला हूँ।  क्या यही ज़िन्दगी है? अगर हाँ तो नहीं चाहिए ऐसी ज़िन्दगी जो किसी को अपना न बना सकी। किसी को अपने ज़ख्म दिखला ना सकी।  बस अब बर्दाश्त नहीं होता।  ख़त्म कर दो इस खोखली ज़िन्दगी को।  कुछ देर अपने आप से बातें करके, मेरे अंदर से एक आवाज़ आई  मेने सुना कि मेरा साया  मुझसे बात कर रहा है और उसके सवालों ने मुझे झिंझोड़ कर रख दिया। मेरे साये ने मझे रुकने को कहा और मुझसे पूछा:- रुको, ये तुम क्या कर रहे हो? अपने आपको खत्म करने की सोच रहे हो।  क्या कोई है जो तुम्हारी ज़िन्दगी से ज्यादा प्यारा है? क्या कोई है, जिसके बगैर तुम जी नहीं सकते? मेने कहा हाँ - हाँ कोई है जो मेरे बगैर नहीं जी सकता और मैं भी उसके बगैर नहीं जी सकता। मेरी ज़िन्दगी तो उसके लिए ही है।  यह सुनकर मेरा साया ज़ोर से हंस पड़ा और मेरी आँखों से ओझल हो गया।  अब मैं भ...

मैं शादी नहीं करुँगी - I will not marry

"मैं शादी नहीं करुँगी।" क्या कभी आप ने किसी 5 साल की लड़की को ये कहते हुए सुना है? मैं यकीन के साथ के सकता हूँ कि नहीं। ये लाइन मेरी बेटी गरिमा की है जो कि अभी सिर्फ 5 साल की है। जब मेने पूछा कि शादी क्यों नहीं करनी तो उसने बडी ही मासूमियत से कहा कि मेरा आप के बिना मन नहीं लगेगा और मुझे आप दोनों (मम्मी) बिना नींद नहीं आती। तो मेने कहा  कि कोई बात नहीं,  हम दोनों भी तुम्हारे साथ चलेंगे। यह सुनकर गरिमा ने कहा कि क्या मेरे लिए गिफ्ट्स भी लाओगे। मेने कहा हाँ और आँखों में आँसू आ गए और मेने उसे बाँहों लिया मनो वो आज ही विदा हो के जा रही हो। मैं खुशनसीब हूँ कि परमात्मा ने मुझे इतनी प्यारी बेटी दी है जो के बेटों से भी प्यारी है।  सच में अगर मेरे हाथ में होता तो में उसे शादी के बाद कहीं नहीं जाने देता। पर दुनिआ का एहि दस्तूर है की लड़की को विदा करना पड़ता है।  गरिमा ने तो आसानी से दिया के वो शादी नहीं करवाएगी, पर उसी वख़्त मुझे अनचाहे, दर्द भरे शब्दों के जाल ने आ घेरा जो में आप के साथ शेयर  हूँ:- छोड़ बाबुल का घ...

ज़िन्दगी का अंत - Death of Life

क्या आप को पता है की ज़िन्दगी का अंत कब होता है ? आप लोग सोच रहे होंगे कि ये कैसा प्रश्न है जिसका सीधा सा उत्तर है। पर आप ग़लत सोच रहें हैं। क्योंकि मरना ही ज़िन्दगी का अंत नहीं होता। मरने से पहले भी लोग हर दिन मरते है पर असल मायने में मरना तो वो है जो किसी को मरने के बाद भी याद किया जाए।  ज़िन्दगी बहुत छोटी है पर आप उसको बड़ा कर सकते हैं।  कैसे ? यह बहुत आसान है, बस आप को कुछ बातों का ख्याल रखना होगा। हमेशा परमात्मा को याद रखो।  परमात्मा है, इसलिए हम हैं।  हमेशा मुस्कुराते रहो।  कभी कटु वचन मत बोलो।  हमेशा दूसरों की मदत  के लिए आगे आओ।  हमेश अच्छी बाते करो और उन बातों को ही अपने ज़हम में रखो।  कभी दूसरों की बुराई मत करो।  दूसरो की ग़लतियों को नज़र अंदाज़ करो।  कोई छोटा या बड़ा नहीं होता और सबकी इज़्ज़त करो।  अगर आप ये सब बातें हमेश याद रखते हो तो आप हमेशा लोगो के दिलों में रहेंगे और ज़िन्दगी के अंत के बाद भी ज़िंदा रहेंगे।  अब बात करते हैं कि ज़िन्दगी का अंत कब होता है ...

राजकुमार - The Prince

राजकुमार - The Prince दोस्तों आज मैं बहुत खुश हूँ। जानते हैं जानते हैं क्यों? चलो मैं ही बता देता हूँ,  आज मेरे घर एक नया और नन्हा मेहमान आया है। उसका नाम केशव रखा गया है। मेरा नन्हा राजकुमार जिसका जन्म नवम्बर 1, 2015 को शाम के 5 बजकर 26 मिन्ट्स पर हुआ है।  मेरे घर में खुशियाँ बरस रही है और सारे बहुत खुश हैं।  आज मेरे पास लिखने लिए कुछ ख़ास नहीं है।  मैं तो बस यह खुश ख़बरी आप सब के साथ शेयर करना चाहता था।    अब अलविदा कहने का समय आ गया है।  फिर आऊंगा कुछ और खट्टी और कुछ मीठी अच्छी और सच्ची कहानिओं के साथ।