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मुझे मेरी पत्नी ने मार डाला - My wife killed me

मुझे मेरी पत्नी ने मार डाला , एक  बहुत ही दुखी करने वाली सत्य घटना है। शायद आप ने भी कभी देखा या सुना होगा।   क्या मैं ठीक कह रहा हूँ ? मेरा एक दोस्त अपनी पत्नी के साथ रहता था पर दोनों में छोटी मोटी नोंक झोंक होती रहती थी, पर उन्होंने कभी भी एक दूसरे से ज्यादा देर तक दूर नहीं रहते थे।  कुछ समय बाद मेरे दोस्त की पत्नी की नौकरी लग गयी। और मेरे दोस्त ने बहुत ख़ुशी मनाई। पर उसको क्या पता था कि अब उसकी पत्नी उससे ज्यादा पैसों से प्यार करने लगी है।  बस अब तो रोज़ ही घर में लड़ाई - झगड़ा होने लगा।  उसका एक कारण यह भी था कि मेरे दोस्त की नौकरी चली गयी पर फिर भी उसने हिम्मत नहीं हरी और अपना काम शुरू कर लिया।  पर किस्मत को जैसे यह भी मंज़ूर नहीं था और उसका काम बिलकुल ही बंद हो गया।  अब तो बस उन दोनों में जैसे दराड़ सी पड़  गई हो।  बात बात पर मेरे दोस्त की पत्नी उसे कोसती रहती थी और मेरा दोस्त बस अपने आप में ही रहने लग गया था।  उसकी पत्नी कहती कि तुमने इतने सालों में किया ही क्या है उसके लिए, इतने सालों...

साया - The Shadow

कभी किसी ने अपने साये से बात की है ? मैं अक्सर करता हूँ।  क्योंकि मेरा साया ही मेरी पहचान है।  मेरा साया ही मेरा दोस्त, रिश्तेदार है।  आज मैं सचमे अकेला हूँ।  क्या यही ज़िन्दगी है? अगर हाँ तो नहीं चाहिए ऐसी ज़िन्दगी जो किसी को अपना न बना सकी। किसी को अपने ज़ख्म दिखला ना सकी।  बस अब बर्दाश्त नहीं होता।  ख़त्म कर दो इस खोखली ज़िन्दगी को।  कुछ देर अपने आप से बातें करके, मेरे अंदर से एक आवाज़ आई  मेने सुना कि मेरा साया  मुझसे बात कर रहा है और उसके सवालों ने मुझे झिंझोड़ कर रख दिया। मेरे साये ने मझे रुकने को कहा और मुझसे पूछा:- रुको, ये तुम क्या कर रहे हो? अपने आपको खत्म करने की सोच रहे हो।  क्या कोई है जो तुम्हारी ज़िन्दगी से ज्यादा प्यारा है? क्या कोई है, जिसके बगैर तुम जी नहीं सकते? मेने कहा हाँ - हाँ कोई है जो मेरे बगैर नहीं जी सकता और मैं भी उसके बगैर नहीं जी सकता। मेरी ज़िन्दगी तो उसके लिए ही है।  यह सुनकर मेरा साया ज़ोर से हंस पड़ा और मेरी आँखों से ओझल हो गया।  अब मैं भ...

मैं शादी नहीं करुँगी - I will not marry

"मैं शादी नहीं करुँगी।" क्या कभी आप ने किसी 5 साल की लड़की को ये कहते हुए सुना है? मैं यकीन के साथ के सकता हूँ कि नहीं। ये लाइन मेरी बेटी गरिमा की है जो कि अभी सिर्फ 5 साल की है। जब मेने पूछा कि शादी क्यों नहीं करनी तो उसने बडी ही मासूमियत से कहा कि मेरा आप के बिना मन नहीं लगेगा और मुझे आप दोनों (मम्मी) बिना नींद नहीं आती। तो मेने कहा  कि कोई बात नहीं,  हम दोनों भी तुम्हारे साथ चलेंगे। यह सुनकर गरिमा ने कहा कि क्या मेरे लिए गिफ्ट्स भी लाओगे। मेने कहा हाँ और आँखों में आँसू आ गए और मेने उसे बाँहों लिया मनो वो आज ही विदा हो के जा रही हो। मैं खुशनसीब हूँ कि परमात्मा ने मुझे इतनी प्यारी बेटी दी है जो के बेटों से भी प्यारी है।  सच में अगर मेरे हाथ में होता तो में उसे शादी के बाद कहीं नहीं जाने देता। पर दुनिआ का एहि दस्तूर है की लड़की को विदा करना पड़ता है।  गरिमा ने तो आसानी से दिया के वो शादी नहीं करवाएगी, पर उसी वख़्त मुझे अनचाहे, दर्द भरे शब्दों के जाल ने आ घेरा जो में आप के साथ शेयर  हूँ:- छोड़ बाबुल का घ...

Welcome Post on Real Stories in Hindi

मैं आपका स्वागत करता हूँ अपने इस रियल हिंदी स्टोरी ब्लॉग पर। क्या आप जानते है कि हिंदी भारत की एक बहुत ही लोकप्रिय भाषा है? अगर हाँ, तो बताइए कि इंग्लिश के शब्द HINDI का स्वर हिंदी में एक समान क्यों है? मैं ये आप लोगों पर छोड़ता हूँ  और आशा करता हूँ के आप इसका अंतर जानते होंगे। अगर आप नहीं जानते तो इसका अंतर जानने के लिए कृपया कमेंट में लिखिए। इस ब्लॉग को शुरू करने का कारण यह है कि मैं इंग्लिश भाषा में निपुण नहीं हूँ , फिर भी मैं 15 से ज्यादा ब्लॉग्स पर लिख रहा हू, और मेरे ज़हन में बहुत सी बातें हैं जो खुल कर लिखनी पड़ती है, पर मैं इंग्लिश में नहीं लिख पाता। मैं आपको विशवास दिलाता हूँ कि मेरी यह कहानिया कुछ सच्ची और कुछ काल्पनिक हैं जो कि  आप को पसंद आएंगी। कृपया अपने सुझाव अवश्य लिखें। महेंदर पॉल वर्मा  एडमिन  रियल हिंदी स्टोरी 

ज़िन्दगी का अंत - Death of Life

क्या आप को पता है की ज़िन्दगी का अंत कब होता है ? आप लोग सोच रहे होंगे कि ये कैसा प्रश्न है जिसका सीधा सा उत्तर है। पर आप ग़लत सोच रहें हैं। क्योंकि मरना ही ज़िन्दगी का अंत नहीं होता। मरने से पहले भी लोग हर दिन मरते है पर असल मायने में मरना तो वो है जो किसी को मरने के बाद भी याद किया जाए।  ज़िन्दगी बहुत छोटी है पर आप उसको बड़ा कर सकते हैं।  कैसे ? यह बहुत आसान है, बस आप को कुछ बातों का ख्याल रखना होगा। हमेशा परमात्मा को याद रखो।  परमात्मा है, इसलिए हम हैं।  हमेशा मुस्कुराते रहो।  कभी कटु वचन मत बोलो।  हमेशा दूसरों की मदत  के लिए आगे आओ।  हमेश अच्छी बाते करो और उन बातों को ही अपने ज़हम में रखो।  कभी दूसरों की बुराई मत करो।  दूसरो की ग़लतियों को नज़र अंदाज़ करो।  कोई छोटा या बड़ा नहीं होता और सबकी इज़्ज़त करो।  अगर आप ये सब बातें हमेश याद रखते हो तो आप हमेशा लोगो के दिलों में रहेंगे और ज़िन्दगी के अंत के बाद भी ज़िंदा रहेंगे।  अब बात करते हैं कि ज़िन्दगी का अंत कब होता है ...

Self Respect vs Ego

Self Respect vs Ego क्या आप इन दोनों शब्दों में कोई अंतर बता सकते हैं ? शायद नहीं।  क्योंकि ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलु हैं।  दोस्तों, यह एक सच्ची कहानी है। इसलिए आप से निवेदन है कि अपने अपने विचार जरूर शेयर करें।